Param Bir Singh, Waze planned Antilia bomb scare, claims Nawab Malik | India News

दमोह में खेत की मेड़ का विवाद: बच्चे को 20 फीट गहरे कुएं में फेंका, हालत गंभीर, जिला अस्पताल में भर्ती

Excitement as IIT-B alumnus is new Twitter CEO – Times of India

Cyclonic storm likely to hit Odisha, Andhra coasts on Saturday morning: IMD | India News

मथुरा मस्जिद केस: KRK ने सोशल मीडिया पर पोस्ट शेयर कर प्रधानमंत्री मोदी पर साधा निशाना, बोले- मैंने कहा था कुछ बड़ा होने वाला है

74 की हुईं पॉप क्वीन: भारी आवाज के चलते क्लास से निकाली गई थीं ऊषा उत्थुप, नाइट क्लब में गाते हुए मिला पहले बॉलीवुड गाने का ऑफर

0 0
Read Time:3 Minute, 56 Second
  • Hindi News
  • Entertainment
  • Bollywood
  • Happy Birthday: Usha Uthup Was Expelled From Class Due To Heavy Voice, Got The First Bollywood Song Offer While Singing In A Nightclub

एक घंटा पहले

  • कॉपी लिंक

भारत की पहली पॉप सिंगर ऊषा उत्थुप आज अपना 74वां जन्मदिन मना रही हैं। अपनी बेहतरीन और दमदार आवाज से ऊषा ने कई गानों में चार चांद लगाए हैं। जहां एक जमाने में सुरीली आवाज का ट्रेंड हुआ करता था, वहां ऊषा की अलग आवाज ने न केवल इंडस्ट्री में जगह बनाई बल्कि कई लोगों को अपना दीवाना बना दिया था। हालांकि शुरुआत में लोगों को उनकी आवाज अपनाने में काफी समय लगा था। आज सिंगर के जन्मदिन के खास मौके पर आइए जानते थे कैसा था उनके करियर का उतरा-चढ़ाव भरा सफर-

बचपन से ही संगीत सीखने का शौक रखने वालीं ऊषा अपनी स्कूल में सिंगिंग सीखती थीं, लेकिन उनकी भारी आवाज के कारण उन्हें सिंगिंग क्लास से निकाल दिया गया था। इसके बाद ऊषा ने घर में संगीत की क्लास ली। ऊषा के घर में संगीत काफी पसंद किया जाता था, जिसके चलते उन्हें म्यूजिक समझने में मदद मिली।

पड़ोसी ने किया था संगीत सीखने के लिए प्रोत्साहित

एक समय के डिप्यूटी कमिश्न एसएमए पठान ऊषा के पड़ोसी हुआ करते थे, जिनकी बेटी जमिला उनकी सहेली हुआ करती थी। जमिला ने ही ऊषा को हिंदी सीखने और क्लासिकल संगीत सीखने की सलाह दी थी।

महज 9 साल की उम्र में दी पहली परफॉर्मेंस

ऊषा की बहन पहले से ही म्यूजिक इंडस्ट्री से जुड़ी हई थीं। उन्होंने 9 साल की ऊषा को मशहूर आरजे अमीन सयानी से मिलवाया था, जिसके बाद उन्हें एक रेडियो सिंगिंग शो में गाने का मौका मिला।

नाइट क्लब में गाती थीं गाने

करियर के शुरुआती दिनों में ऊषा नाइट क्लब में गाना गाया करती थीं। उन्होंने मुंबई के टॉक ऑफ द टाउन और कोलकाता के ट्रिनकस जैसे नाइट क्लब में कई बार परफॉर्मेंस दी थी।

देव आनंद की एक नजर पड़ते ही बदल गई जिंदगी

बेहतरीन सिंगिंग स्किल्स के चलते उन्हें दिल्ली की ओबेरॉय होटल में गाने का मौका मिला। एक पार्टी के दौरान गाना गा रहीं ऊषा पर उस जमाने के मशहूर अभिनेता देव आनंद की नजर पड़ी। ऊषा की आवाज से इम्प्रेस होकर देव ने उन्हें बॉम्बे टॉकीज (1971) में गाने का ऑफर दिया। ऊषा ने फिल्म में शंकर-जयकिशन के साथ इंग्लिश गाना गाया था।

ऊषा को इसके बाद हरे रामा हरे कृष्णा फिल्म का दम मारो दम गाने का मौका मिला। इस गाने को ऊषा, आशा भोसले के साथ गाने वाली थीं, हालांकि लेकिन किसी कारण ऐसा नहीं हो सका। बाद में ऊषा ने इस गाने की अंग्रेजी लाइनें गाई थीं। इस हिट गाने के बाद ऊषा के पास कई बड़ी फिल्मों की कतार लग गईं थीं, जिसके बाद उन्होंने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा।

हिंदी और अंग्रेजी के अलावा ऊषा ने 16 अन्य भाषाओं में गाने गाए हैं, जिनमें गुजराती, मराठी, कोंकणी, डोगरी, खासी, सिंधी और ओडिशा शामिल हैं।

खबरें और भी हैं…

Source by [author_name]

Happy
Happy
0 %
Sad
Sad
0 %
Excited
Excited
0 %
Sleepy
Sleepy
0 %
Angry
Angry
0 %
Surprise
Surprise
0 %

Average Rating

5 Star
0%
4 Star
0%
3 Star
0%
2 Star
0%
1 Star
0%

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

English English Hindi Hindi