शहर की सड़कों पर गड्‌ढे ही गड्‌ढे: डामर सड़क के गड्ढे भरने में लागत का 30% खर्चा, सीसी राेड 20 साल बनाने की जरूरत नहीं: एक्सपर्ट

होशंगाबाद20 मिनट पहले

  • कॉपी लिंक

विजय कंबाेज, सिविल इंजीनियर।

  • विभाग योजना में बदलाव करे तो लोगों की परेशानी हो सकती है दूर

शहर में सड़कें खराब हैं। जगह-जगह गड्ढे, कटाव हैं। जिले में हर वर्ष बारिश के बाद डामर की सड़काें काे मरम्मत की जरूरत पड़ती है। डामर की अपेक्षा सीमेंट-कांक्रीट (सीसी) मजबूत हाेती है। 15 से 20 साल रिपेयरिंग की जरूरत नहीं पड़ती, जबकि डामर सड़क का 5 साल में पूरा सुधार करना जरूरी हाे जाता है।

जिले में पीडब्ल्यूडी की कुल सड़कें 219 है। इनकी लंबाई 1311.70 किमी है। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क याेजना के तहत बनी सड़काें की कुल लंबाई 1150 किमी है। एमपीआरडीसी के पास जिले में 266 किमी की सड़कें हैं। तीनाें ही विभाग के पास सड़कें अधिकतर डामर की हैं। इनमें अधिकांश पर प्रत्येेक पांच साल में रिन्यूवल के बाद भी सुधार नहीं हाे पाता है।

हर 5 साल बाद डामर की सड़काें का 100 प्रतिशत रिन्यूवल किया जाता है, जिसमें कुल लागत का करीब 30 प्रतिशत राशि खर्च हाेती है। इसके अतिरिक्त साल भर पेंच वर्क व मरम्मत में भी लागत खर्च हाेती है। सीसी सड़क पानी से घिसती नहीं हैं। गर्मी में पिघलती नहीं। वहीं डामर सड़कें बारिश में उखड़ जाती हैं। बारिश में डामर पिघलता है। सीसी सड़क टिकाऊ रहती है।

एक्सपर्ट व्यू- सीसी सड़क महंगी जरूर पर मजबूत और टिकाऊ

सीमेंट-कांक्रीट सड़क में डामर सड़क के मुकाबले निर्माण राशि दाेगुनी खर्च हाेती है। दाेनाें ही सड़काें की गारंटी 5 साल की ही हाेती है। फिर भी सीसी सड़क 15 से 20 साल तक बिना मरम्मत के चल जाती हैं। डामर सड़क निर्माण के बाद 5 साल मेंटेनेंस की जरूरत हाेती है। इसके बाद डामर का रिन्यूवल हाेता है। 5 साल में पूरे सुधार की जरूरत हाेती है।

यदि 3.75 मीटर चाैड़ाई की सड़क जिसमें दाेनाें ओर पटरी की चाैड़ाई 1.875 मीटर प्रस्तावित हाे ऐसी सड़क यदि डामर से बनाई जाए ताे 52.23 लाख का संभावित बजट चाहिए। वहीं यदि सड़क काे सीमेंट-कांंक्रीट से बनाया जाता है ताे इसमें लागत बढ़कर 97.26 लाख रुपए अनुमानित हाेगी।

इसी तरह यदि डामरीकरण की सड़क की चाैड़ाई 5.50 मीटर और दाेनाें ओर पटरियाें की चाैड़ाई 2.25 मीटर प्रस्तावित है ताे डामरीकरण के सड़क की लागत 98.16 लाख रुपए अनुमानित हाेगी। वहीं सीमेंट कांक्रीट से निर्माण के लिए अनुमानित लागत 145.67 लाख रुपए हाेगी।

उदाहरण: 18 साल से मजबूत सड़क

सतरस्ता से पचमढ़ी तक 116 किमी की सड़क 2003 में बनाई गई थी। इसमें सतरस्ता से मीनाक्षी चाैराहे तक सीमेंट-कांक्रीट से सड़क बनाई। इसी पर मीनाक्षी चाैक से 500 मीटर आगे ही जिला जेल के सामने डामर राेड पर हर साल गड्ढाें काे बारिश के बाद भरना पड़ता है। सतरस्ता से मीनाक्षी चाैक तक सड़क के हिस्से की 18 सालों में दोबारा बनाने की जरूरत नहीं पड़ी।

बजट के अनुरूप बनाई जाती है सड़क

शासन से प्राप्त तात्कालिक बजट के अनुरूप ही सड़क निर्माण कराया जाता है। डामर राेड की अपेक्षा सीमेंट-कांक्रीट के सड़क निर्माण में दाेगुनी राशि खर्च हाेती है। वहीं सड़क का निर्माण यातायात के भार पर भी निर्भर करता है। जहां आवश्यकता हाेती है वहां सीमेंट-कांक्रीट सड़क का निर्माण कराया जाता है। -एसके पाटिल, ईई, पीडब्ल्यूडी

खबरें और भी हैं…

Source link

CofaNews

All Hindi News

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *