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रीवा से फर्जी अधिकारी फरार: लोकायुक्त और EOW के नाम पर धमकाता ​था आरोपी, जबलपुर व भोपाल से वसूली की शिकायत पर अपराध दर्ज, 10 हजार का इनाम घोषित - CofaNews
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रीवा से फर्जी अधिकारी फरार: लोकायुक्त और EOW के नाम पर धमकाता ​था आरोपी, जबलपुर व भोपाल से वसूली की शिकायत पर अपराध दर्ज, 10 हजार का इनाम घोषित

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रीवा20 मिनट पहले

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  • खाते में रुपए डलवाने अधिकारियों पर बनाता था दबाव

आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (EOW) इकाई रीवा का सीनियर इंस्पेक्टर बनकर अधिकारियों को धमकी देकर रुपए ऐंठने वाले आरोपी के खिलाफ 10 हजार रुपए का इनाम घोषित किया गया है। EOW की मानें तो लोकायुक्त और EOW के नाम पर आरोपी अधिकारियों को धमकाता ​था।

फिर झांसे में लेकर पैसे वसूल लेता था। कई अधिकारियों ने इस मामले की शिकायत आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ कार्यालय को दी। जहां शिकायत की गोपनीय जांच कराई तो सही पाई गई। साथ ही आरोपी के संबंधित खाते की जांच में कई प्रकार के फर्जी ट्रांजेक्शन मिले है।

ऐसे में EOW रीवा ने सिविल लाइन थाने अपराध दर्ज कराया। लेकिन फरार आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हो पाई। वहीं दूसरी तरफ शातिर बदमाश लोगों से वसूली का सिलसिला जारी रखे हुए है। अंतत: महानिदेशक EOW मुख्यालय भोपाल द्वारा आरोपी की गिरफ्तार के लिए 10 हजार रुपए का इनाम घोषित किया है।

रीवा EOW एसपी वीरेन्द्र जैन ने बताया कि संजय मिश्रा पुत्र रामलोचन मिश्रा, निवासी अकौरी थाना जवा हाल-तिलक नगर थाना विवि के खिलाफ फर्जी EOW का अधिकारी बनकर वसूली करता था। जिसकी जांच आशीष मिश्रा उप निरीक्षक आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ रीवा द्वारा की गई है। विवेचना में पता चला कि संजय मिश्रा रीवा, जबलपुर और भोपाल क्षेत्र में कार्यरत शासकीय सेवकों को मोबाइल फोन के माध्यम से धमकी देता था।

फिर वसूली का पैसा यूनियन बैंक आफ इंडिया शाखा रीवा में ट्रांसफर करा लेता था। EOW के पास आई कई शिकायतों से रीवा से लेकर भोपाल के अधिकारी हरकत में आ गए। ऐसे में तुरंत आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ इकाई रीवा ने सिविल लाइन थाने में प्रकरण दर्ज कराया। वर्षों से फरार आरोपी के खिलाफ अब 10 रुपए का इनाम घोषित कर गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे।

तीन विभागों के अधि​कारियों ने की शिकायत
फर्जी EOW अफसर द्वारा सिंचाई विभाग, वन विभाग और लोक निर्माण विभाग के आला अधिका​रियों को धौंस देता था। कहता था कि अगर कार्रवाई से बचना है तो तुरंत रुपए अकाउंट में भेजें। लोग कार्रवाई के डर से 10 हजार से लेकर 25 हजार तक ट्रांसफर किए। इनमे से एक अधिकारी ने भी पैसे भेज दिए। फिर भी फर्जी EOW अफसर परेशान करता रहा। अंतत: EOW एसपी से शिकायत की तो पता चला कि नकली अधिकारी है।

वर्ष 2019 से कर रहा वसूली
EOW के अधिकारियों ने दावा किया कि संजय मिश्रा आदतन अपराधी है। जिसके विरुद्ध पूर्व में लोकायुक्त संगठन रीवा द्वारा शासकीय लोक सेवकों से वसूली की शिकायत प्राप्त होने पर सिविल लाइन थाने में वर्ष 2019 में अपराध कायम कराया था। उपरोक्त प्रकरण न्यायालय रीवा में विचाराधीन है। इधर तब से आरोपी संजय मिश्रा EOW के प्रकरण में भी फरार है।

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