Agriculture Business Ideas: किसानो के लिए शानदार बिजनेस, 10 लाख रुपये की होगी जबरदस्त कमाई; जानें डिटेल्स

Rise above ‘why should I care’ attitude, Amit Shah tells IPS probationers | India News

house: No reconciliation sans apology: Piyush Goyal | India News

Farm unions to take call today on next move | India News

kamili: Illegal NGOs dealing with orphans in J&K to be penalized | India News

फाइजर-एक्ट्राजेनेका वैक्सीन लगवाने वालों में कोरोना से संक्रमित लोगों से ज्यादा एंटीबॉडी: स्टडी

0 0
Read Time:4 Minute, 3 Second

 कोविड रोधी फाइज़र या एक्सट्राजेनेका (Pfizer, AstraZeneca) का टीका लगवाने वाले लोगों में उन लोगों की तुलना में एंटीबॉडी का स्तर अधिक है जो कोरोना वायरस से संक्रमित हुए हैं. ‘साइंसटिफिक रिपोर्ट्स जर्नल’ में पब्लिश एक स्टडी में सोमवार को यह जानकारी दी गई. कनाडा में मॉन्ट्रियल विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों की अगुआई वाली एक टीम ने पाया कि ये एंटीबॉडी वायरस के ‘डेल्टा’ स्वरूप के खिलाफ भी असरदार हैं. 2020 में पीसीआर जांच में कोविड से संक्रमित पाए जाने के 14 से 21 दिन बाद कनाडा के 32 ऐसे वयस्कों को स्टडी में शामिल किया गया जो अस्पताल में भर्ती नहीं हुए थे. यह वायरस का ‘बीटा’, ‘डेल्टा’ और ‘गामा’ वैरिएंट के सामने आने से पहले की बात है.

मॉन्ट्रियल विश्वविद्यालय के एक प्रोफेसर जीन-फ्रेंकोइस मैसन ने बताया कि जो कोई भी संक्रमित हुआ है, उसके शरीर में एंटीबॉडी बनी हैं लेकिन 50 साल से कम उम्र के लोगों की तुलना में बुजुर्गों में एंटीबॉडी अधिक बनी हैं. मैसन ने कहा कि इसके अलावा संक्रमित होने के बाद 16 हफ्तों तक उनके खून में एंटीबॉडी रहीं. वैज्ञानिकों ने कहा कि वह शख्स जिसे कोविड के मध्यम लक्षण थे, उसमें टीकाकरण के बाद एंटीबॉडी का स्तर टीका न लगवाने वाले वायरस से संक्रमित हुए लोगों की तुलना में दोगुना था. वैज्ञानिकों के मुताबिक, उनकी एंटीबॉडी ‘स्पाइक-एसीई -2 इंटरैक्शन’ को रोकने में भी बेहतर है. मैसन ने कहा कि टीकाकरण उन लोगों को भी डेल्टा वैरिएंट से बचाता है जो पहले वायरस के मूल स्वरूप से संक्रमित हुए हैं. 

हाल ही में दवा कंपनी फाइजर ने दावा किया था कि एंटी कोविड की गोली 89 फीसदी तक अस्पताल में भर्ती होने और मृत्यु को रोकने में प्रभावी है. फाइजर इंक ने शुक्रवार को कहा कि  ​​​​COVID-19 के लिए इसकी प्रायोगिक एंटीवायरल गोली अस्पताल में भर्ती होने और मौत की दरों में लगभग 89 फीसदी तक की कटौती करती है.

कंपनी का कहना है कि एक बार फाइजर अपना एफडीए आवेदन जमा कर देता है तो एजेंसी हफ्तों या महीनों के भीतर निर्णय ले सकती है. दुनिया भर के शोधकर्ता COVID-19 के खिलाफ एक गोली बनाने की होड़ में लगे हैं. एंटी कोविड-19 गोली मरीजों में लक्षणों को कम करने, तेजी से ठीक होने और अस्पतालों और डॉक्टरों पर बोझ को कम करने में काफी मददगार साबित हो सकती है. बताया जा रहा है कि इस कोविड-19 गोली के भरोसे रोगियों को घर पर ले जाया जा सकता है.

ये भी पढ़ें

Covid Vaccine US: अमेरिका में बच्चों को 8 नवंबर से लगेगी फाइजर की वैक्सीन, बाइडेन ने बताया- ‘Turning Point’

COVID-19 Pill: फाइजर का दावा, कोविड की गोली 89% अस्पताल में भर्ती होने और मौत को रोकने में है प्रभावी

Check out below Health Tools-
Calculate Your Body Mass Index ( BMI )

Calculate The Age Through Age Calculator

Source link

Happy
Happy
0 %
Sad
Sad
0 %
Excited
Excited
0 %
Sleepy
Sleepy
0 %
Angry
Angry
0 %
Surprise
Surprise
0 %

Average Rating

5 Star
0%
4 Star
0%
3 Star
0%
2 Star
0%
1 Star
0%

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

English English Hindi Hindi