दक्षिण अफ्रीका में कोरोना के नए वेरिएंट ने बढ़ाया दुनियाभर में तनाव

ब्रसेल्स: दक्षिण अफ्रीका में कोरोना वायरस के नए स्वरूप के सामने आने के बाद शुक्रवार को दुनिया के ज्यादातर हिस्सों में इसे लेकर सुगबुगाहट रही, बाजारों में गिरावट देखी गई और वैज्ञानिकों ने सटीक खतरों का अंदाजा लगाने के लिए आपातकालीन बैठकें की.

विश्व स्वास्थ्य संगठन सहित चिकित्सा विशेषज्ञों ने दक्षिणी अफ्रीका में सामने आये स्वरूप को बेहतर ढंग से समझने से पहले किसी भी अति प्रतिक्रिया के खिलाफ चेतावनी दी. ब्रिटेन के स्वास्थ्य मंत्री साजिद जाविद ने सांसदों से कहा, ‘‘शुरुआती संकेत बताते हैं कि यह स्वरूप डेल्टा संस्करण की तुलना में अधिक खतरनाक हो सकता है और वर्तमान टीके इसके खिलाफ कम प्रभावी हो सकते हैं.’’ उन्होंने कहा, ‘‘हमें जल्द से जल्द संभव कदम उठाने की दिशा में आगे बढ़ना चाहिए.’’

नया स्वरूप कई समस्याएं पैदा करेगा- जर्मनी के स्वास्थ्य मंत्री

यूरोपीय संघ में शामिल देशों में मामलों में भारी वृद्धि के बीच, जर्मनी के स्वास्थ्य मंत्री जेन्स स्पैन ने कहा, ‘‘यह एक नया स्वरूप कई समस्याएं पैदा करेगा.’’ यूरोपीय संघ आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने कहा, ‘‘उड़ानों को तब तक स्थगित किया जाना चाहिए जब तक कि हमें इस नए स्वरूप से उत्पन्न खतरे के बारे में स्पष्ट समझ न हो, और इस क्षेत्र से लौटने वाले यात्रियों को सख्त पृथक-वास नियमों का पालन करना चाहिए.’’बेल्जियम इस स्वरूप के मामले की घोषणा करने वाला यूरोपीय संघ का पहला देश बन गया. इसमें एक शख्स शामिल है जो विदेश से आया था.

स्वास्थ्य मंत्री फ्रैंक वैंडेनब्रुक ने कहा, ‘‘यह एक संदिग्ध स्वरूप है. हम नहीं जानते कि क्या यह बहुत खतरनाक स्वरूप है.’’ इजराइल के स्वास्थ्य मंत्रालय का कहना है कि मलावी से लौटे एक यात्री में कोरोना वायरस के नए स्वरूप से संक्रमण का मामला सामने आया है. यह नए स्वरूप (कोरोना वायरस में बदलाव के बाद उसका नया स्वरूप) से संक्रमण का देश में पहला मामला है. स्वास्थ्य मंत्रालय ने एक बयान में शुक्रवार को बताया कि यात्री और दो अन्य संदिग्ध संक्रमितों को पृथक-वास में रखा गया है. दक्षिण अफ्रीका में सामने आये कोरोना वायरस के नए स्वरूप के बारे में वैज्ञानिकों का कहना है कि यह बहुत ज्यादा संक्रामक है.

शेयर बाजारों पर पड़ा असर

नए स्वरूप ने दुनियाभर के शेयर बाजारों को तुरंत प्रभावित किया. यूरोप और एशिया में प्रमुख सूचकांक गिर गये. विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने आगाह किया है कि जल्दबाजी में किसी नतीजे पर न पहुंचें. यूरोपीय संघ की घोषणा से पहले डब्ल्यूएचओ में आपात स्थिति के प्रमुख डॉ माइकल रयान ने कहा, ‘‘यह वास्तव में महत्वपूर्ण है कि कोई हल्की प्रतिक्रिया नहीं दी जाये.’’ उन्होंने कहा, ‘‘हमने अतीत में देखा है, हर कोई सीमाओं को बंद कर रहा है और यात्रा को प्रतिबंधित कर रहा है. यह वास्तव में महत्वपूर्ण है कि हम खुले रहें, और केंद्रित रहें.’’

ब्रिटेन ने दक्षिण अफ्रीका और पांच अन्य दक्षिणी अफ्रीकी देशों से शुक्रवार दोपहर उड़ानों पर प्रतिबंध लगा दिया और घोषणा की कि जो कोई भी हाल में उन देशों से आया था, उसे कोरोना वायरस जांच कराने के लिए कहा जाएगा. ब्रिटेन ने शुक्रवार से दक्षिण अफ्रीका, बोत्सवाना, लेसोथो, इस्वातिनी, जिम्बाब्वे और नामीबिया से आने वाले लोगों पर प्रतिबंध लागू कर दिया है. हालांकि, सरकार ने दोहराया कि देश में अब तक वायरस के नए स्वरूप के किसी भी मामले का पता नहीं चला है. जर्मनी, फ्रांस, इटली, नीदरलैंड, ऑस्ट्रिया, बेल्जियम, माल्टा और चेक गणराज्य, यूरोप के उन देशों में शामिल है जिन्होंने यात्रा पर कड़े प्रतिबंध लगाये हैं और पहले से ही कोविड-19 मामलों के चिंताजनक वृद्धि के बीच बीच लॉकडाउन लगाया है.

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