अमेरिका ने साउथ अफ्रीका सहित आठ अफ्रीकी देशों पर लगाया यात्रा प्रतिबंध

America Travel Ban: दक्षिण अफ्रीका में मिला कोरोना वायरस संक्रमण का नया वेरिएंट पूरी दुनिया के लिए चिंता का विषय बना हुआ है. कई देश दक्षिण अफ्रीका पर यात्रा प्रतिबंध लगा चुके हैं, इनमें अमेरिका भी शामिल है. अमेरिका ने कोविड-19 के नए वेरिएंट के चलते दक्षिण अफ्रीका और सात अन्य अफ्रीकी देशों के गैर-अमेरिकी नागरिकों की यात्रा पर सोमवार से पाबंदी लगा दी है.

सोमवार से लागू होगा ट्रैवल बैन

व्हाइट हाउस ने कहा कि अमेरिका सोमवार से दक्षिण अफ्रीका और क्षेत्र के सात अन्य देशों से यात्रा पर प्रतिबंध लगाएगा. व्हाइट हाउस ने ज्यादा विस्तार में नहीं बताया लेकिन कहा कि प्रतिबंध अमेरिकी नागरिकों या स्थायी निवासियों के इन देशों से वापस आने पर लागू नहीं होंगे, इन्हें अपनी यात्रा से पहले नेगेटिव टेस्ट रिपोर्ट दिखानी अनिवार्य होगी.

किस-किस देश ने लगाए प्रतिबंध?

कोरोना के नए वेरिएंट ने पूरी दुनिया को फिर से सोचने पर मजबूर कर दिया है. तमाम देश अभी तक दक्षिण अफ्रीका पर प्रतिबंध लगा चुके हैं. ऐसे देशों में इटली, ऑस्ट्रिया, फ्रांस, जापान, यूनाइटेड किंगडम, सिंगापुर, नीदरलैंड, माल्टा, मलेशिया, मोरक्को, फिलीपींस, दुबई, जॉर्डन, अमेरिका, कनाडा और तुर्की शामिल हैं.

कनाडा ने शुक्रवार को किया प्रतिबंध का ऐलान

कनाडा ने शुक्रवार को ऐलान किया कि उसने उन विदेशी यात्रियों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगा दिया है, जिन्होंने पिछले 14 दिन में अफ्रीका के दक्षिणी भाग की यात्रा की है. इसके अलावा पिछले 14 दिन में अफ्रीका के दक्षिणी भाग की यात्रा करने वाले सभी कनाडाई नागरिकों की जांच अनिवार्य होगी और पृथक-वास में रहना होगा.

यूरोपीय संघ भी प्रतिबंध लगाने पर राजी

यूरोपीय संघ (EU) के सदस्य देश भी कोरोना वायरस के नए प्रकार को फैलने से रोकने के लिए दक्षिण अफ्रीकी देशों से यात्रा पर प्रतिबंध लगाने के लिए शुक्रवार को राजी हो गए. यूरोपीय संघ के अध्यक्ष की ओर से जारी बयान में कहा गया कि 27 देशों के प्रतिनिधियों ने कुछ घंटों में भीतर ही ईयू कार्यकारी की सलाह पर अमल किया.

यात्रियों की जांच और पृथक-वास

ईयू कार्यकारी की सलाह में कहा गया था कि वायरस के नए प्रकार से निपटने में बेहद सावधानी बरतने की जरूरत है क्योंकि अभी यह स्पष्ट नहीं है कि यह कितना खतरनाक है. अध्यक्ष ने सभी सदस्य देशों से यह भी कहा कि आने वाले यात्रियों की जांच की जाये और उन्हें पृथक-वास में रखा जाए. वर्तमान में ईयू की अध्यक्षता स्लोवेनिया के पास है.

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